एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार में जब बच्चा कॉलेज जाना शुरू करता है, तो पूरे परिवार की उम्मीदें उसके साथ जुड़ जाती हैं। लेकिन आज का सबसे कड़वा सच यह है कि वर्षों की मेहनत और लाखों रुपये खर्च करके डिग्री हासिल करने के बाद भी, हमारे युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। यह केवल एक छात्र की विफलता नहीं है, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों पर पड़ता बोझ है।
यहाँ समझने वाली बात यह है कि शिक्षा का वह पुराना पारंपरिक ढांचा—जहाँ आप पहले पढ़ाई पूरी करते हैं और फिर काम की तलाश करते हैं—अब पूरी तरह बदल चुका है। EFOS (Education Future One Stop) और 'RISE' जैसे कार्यक्रमों ने शिक्षा को सीधा करियर से जोड़ दिया है। यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और गौरव की बात है। आइए, इस आधुनिक बदलाव के 5 सबसे महत्वपूर्ण सबक को समझते हैं।
वर्षों तक कॉलेज में बैठने के बाद पहला वेतन पाने का इंतज़ार अब पुराने समय की बात हो गई है। RISE कार्यक्रम ने साबित कर दिया है कि यदि आपके पास सही कौशल (Skills) है, तो आप मात्र 15 दिनों के प्रशिक्षण के बाद नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। यह उन युवाओं के लिए संजीवनी के समान है जिन्हें अपने पैरों पर खड़े होने की तत्काल आवश्यकता है।
पारंपरिक होटल मैनेजमेंट अब बदल चुका है। इस नए दौर के चार नियम ये हैं:
अक्सर शिक्षा को एक 'खर्च' माना जाता है, लेकिन यह मॉडल इसे एक 'निवेश' में बदल देता है। RISE डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों के माध्यम से, छात्र अपनी शिक्षा का बोझ अपने कंधों पर उठा सकते हैं।
यहाँ मिलने वाली सुविधाएँ किसी वरदान से कम नहीं हैं:
असली दुनिया का अनुभव किसी बंद कमरे की क्लास में नहीं मिल सकता। EFOS के माध्यम से छात्र Real 5-Star Hotels और IBM या L&T जैसे बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ ट्रेनिंग करते हैं।
"हम इस सच्चाई में विश्वास करते हैं कि सही शिक्षा और करियर के अवसर किसी के भी जीवन को बदल सकते हैं, चाहे उनकी वर्तमान स्थिति या परिस्थितियाँ कुछ भी हों। और सही शिक्षा या करियर का निर्णय न केवल वर्तमान जीवन को, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन को भी बदल सकता है।"
जब उद्योग के दिग्गज (जैसे Full Stack के लिए L&T या AI/Data Science के लिए IBM) पाठ्यक्रम तैयार करते हैं, तो छात्र सीधे वही सीखते हैं जिसकी मांग बाज़ार में है। IBM प्रमाणपत्रों के साथ, छात्रों को टॉप आईटी फर्मों में 20-30% अधिक पैकेज मिलने की संभावना होती है।
आज नियोक्ता यह नहीं पूछते कि आपके पास कौन सी डिग्री है, बल्कि यह पूछते हैं कि "आपको आता क्या है?" लमरीन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी (Lamrin Tech Skills University), रोपड़, पंजाब जैसे संस्थान इसी दिशा में काम कर रहे हैं। यहाँ Cyber Security, IoT, और AL & ML जैसे क्षेत्रों में बिना किसी पूर्व कार्य अनुभव के भी छात्रों को 5-6 LPA (लाख प्रति वर्ष) के शुरुआती पैकेज मिल रहे हैं।
एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि डिप्लोमा धारकों के लिए B.Tech (Lateral Entry) का विकल्प भी उपलब्ध है, जहाँ L&T जैसे पार्टनर छात्रों को आधुनिक तकनीकों में माहिर बनाते हैं। यह भविष्य की स्किलिंग का असली चेहरा है।
जब सही अवसर और प्रतिभा का मेल होता है, तो भूगोल मायने नहीं रखता। यहाँ कुछ ऐसे युवाओं की कहानियाँ हैं जिन्होंने अपनी किस्मत खुद लिखी:
आज की सफलता अब पुराने कॉलेज के ढर्रे पर नहीं, बल्कि सही समय पर सही कौशल और अवसरों को पहचानने पर टिकी है। शिक्षा अब बोझ नहीं, बल्कि आर्थिक स्वतंत्रता का प्रवेश द्वार है। EFOS जैसे मंच इसी क्रांति के माध्यम से भारत के युवाओं को सशक्त बना रहे हैं।
एक कड़वा लेकिन ज़रूरी सवाल: क्या आप अभी भी वर्षों तक केवल एक कागज़ की डिग्री मिलने का इंतज़ार करेंगे, या आज से ही अपने करियर की कमान संभालकर अपनी और अपनी आने वाली पीढ़ियों की किस्मत बदलने के लिए तैयार हैं?
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